PM BHAVYA Yojana 2026: ₹33,660 करोड़ से बनेंगे 100 नए स्मार्ट औद्योगिक पार्क, 10 लाख युवाओं को रोजगार

📅 Updated: 09 Oct, 2026 🏷️ Portal: PublicPortal Official Guide ✅ Status: Verified Active Link

PM BHAVYA Yojana 2026: ₹33,660 करोड़ से बनेंगे 100 नए स्मार्ट औद्योगिक पार्क, 10 लाख युवाओं को रोजगार

PM BHAVYA Yojana 2026: भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT – Ministry of Commerce and Industry) द्वारा राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के तहत ‘पीएम भव्य योजना 2026’ (PM BHAVYA – Bharat Advanced Ventures & Industrial Parks Scheme) को केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम स्वीकृति मिल गई है। ₹33,660 करोड़ के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ शुरू की जा रही इस ऐतिहासिक योजना का मुख्य उद्देश्य देश के 14 प्रमुख राज्यों में रणनीतिक आर्थिक गलियारों के पास 100 अत्याधुनिक ‘प्लग-एंड-प्ले’ स्मार्ट औद्योगिक पार्क (Smart Industrial Parks) स्थापित करना है। इससे देश के 10 लाख से अधिक शिक्षित एवं कुशल युवाओं हेतु प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और सिंगल विंडो क्लीयरेंस: इन स्मार्ट पार्कों में स्थापित होने वाले उद्योगों को बिजली, 24×7 जल आपूर्ति, हाई-स्पीड 5G डिजिटल नेटवर्क, अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (CETP) तथा पहले से निर्मित रेडीमेड फैक्ट्री शेड्स उपलब्ध कराए जाएंगे। निवेशकों को पर्यावरण, श्रम और उद्योग से जुड़ी सभी 40 से अधिक स्वीकृतियां ‘नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम’ (NSWS) के माध्यम से मात्र 14 दिनों के भीतर ऑनलाइन प्राप्त होंगी।

पीएम भव्य औद्योगिक योजना 2026: मुख्य विवरण सारणी

योजना के प्रमुख वित्तीय, ढांचागत एवं रोजगार संबंधी लक्ष्यों का त्वरित अवलोकन निम्नलिखित सारणी में प्रस्तुत है:

विवरण बिंदु महत्वपूर्ण जानकारी व लक्ष्य
योजना का आधिकारिक नाम PM BHAVYA Yojana (Bharat Advanced Ventures & Industrial Parks)
नोडल मंत्रालय एवं विभाग वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (DPIIT, NICDC)
कुल अनुमोदित वित्तीय परिव्यय ₹33,660 करोड़ (केंद्रीय कैबिनेट द्वारा स्वीकृत)
निर्मित होने वाले पार्कों की संख्या 100 नए स्मार्ट औद्योगिक पार्क
अनुमानित प्रत्यक्ष रोजगार सृजन 10 लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं 30 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार
परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स संपर्क पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान (एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर व पोर्ट्स)
कार्यान्वयन मॉडल पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP – केंद्र, राज्य व निजी विकासकर्ता)
आधिकारिक वेबसाइट dpiit.gov.in / nicdc.in

योजना के प्रमुख मुख्य आकर्षण एवं ढांचागत विशेषताएं

पीएम भव्य योजना के अंतर्गत स्थापित होने वाले 100 स्मार्ट पार्कों में विश्वस्तरीय विनिर्माण परिवेश निर्मित किया जा रहा है:

  • प्लग-एंड-प्ले शेड्स (Zero Gestation Delay): निवेशकों को जमीन खरीदने या निर्माण की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। सभी पार्कों में पूर्वनिर्मित मानक औद्योगिक शेड्स मिलेंगे, जहाँ केवल मशीनरी स्थापित कर तत्काल उत्पादन शुरू किया जा सकेगा।
  • हरित एवं शून्य कार्बन उत्सर्जन अवसंरचना: इन पार्कों को रूफटॉप सोलर ग्रिड, हरित हाइड्रोजन ईंधन स्टेशनों, शून्य तरल निर्वहन (ZLD – Zero Liquid Discharge) तथा आधुनिक अपशिष्ट पुनर्चक्रण प्रणालियों से सुसज्जित किया जाएगा।
  • मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब: प्रत्येक औद्योगिक पार्क को न्यूनतम 4-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा नए एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। साथ ही रेलवे की डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) साइडिंग तथा निकटतम कार्गो एयरपोर्ट तक निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत 14% से घटकर 8% पर आ जाएगी।
  • कौशल विकास व श्रमिक आवास: प्रत्येक पार्क परिसर के भीतर एक अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र (Skill Development Institute) तथा महिला व पुरुष श्रमिकों हेतु सुरक्षित आधुनिक आवासीय कॉलोनी स्थापित की जाएगी।

राज्यवार पार्कों का वितरण एवं लक्षित उद्योग संवर्ग

पीएम भव्य योजना के प्रथम चरण में प्रमुख आर्थिक केंद्रों वाले राज्यों में पार्कों की स्थापना की जाएगी:

  • उत्तर प्रदेश एवं बिहार: डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, एग्रो-प्रोसेसिंग एवं टेक्सटाइल क्लस्टर्स।
  • गुजरात एवं महाराष्ट्र: सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, पेट्रोकेमिकल्स एवं भारी इंजीनियरिंग।
  • तमिलनाडु, कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश: इलेक्ट्रिक वाहन (EV), एयरोस्पेस, मेडिकल डिवाइसेज एवं सॉफ्टवेयर हार्डवेयर इंटीग्रेशन।
  • मध्य प्रदेश एवं राजस्थान: सौर ऊर्जा उपकरण, फार्मास्यूटिकल्स, हैंडीक्राफ्ट्स एवं खनिज आधारित रिफाइनरी इकाइयां।
  • हरियाणा एवं पंजाब: कृषि उपकरण, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं लॉजिस्टिक्स वेयरहाउसिंग हब।

औद्योगिक भूखंड आवंटन एवं आवेदन की प्रक्रिया

  1. सर्वप्रथम राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम के आधिकारिक पोर्टल nicdc.in अथवा nsws.gov.in पर जाएं।
  2. ‘PM BHAVYA Scheme – Investor Application Portal’ लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपनी कंपनी/इकाई का कॉर्पोरेट पहचान नंबर (CIN), जीएसटी नंबर अथवा एमएसएमई उद्यम नंबर दर्ज कर कॉर्पोरेट पंजीकरण करें।
  4. संबंधित राज्य एवं जिले के स्मार्ट औद्योगिक पार्क का चयन करें और अपनी आवश्यक जमीन (एकड़) अथवा रेडीमेड शेड क्षेत्र (वर्ग मीटर) की मांग दर्ज करें।
  5. निवेश की कुल राशि, प्रस्तावित रोजगार संख्या तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पीडीएफ प्रारूप में अपलोड करें।
  6. राज्य स्तरीय एकल खिड़की समिति (State Level Single Window Committee) द्वारा ऑनलाइन स्क्रूटनी के पश्चात ई-नीलामी अथवा प्रत्यक्ष आवंटन पत्र (Letter of Intent) जारी किया जाएगा।

महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक्स

आवश्यक लिंक विवरण सीधा लिंक (Direct Link)
नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS Portal) यहाँ ऑनलाइन आवेदन करें (NSWS)
राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा पोर्टल (NICDC) NICDC आधिकारिक वेबसाइट
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) dpiit.gov.in Official

Frequently Asked Questions (FAQs)

1. पीएम भव्य योजना 2026 के अंतर्गत कुल कितने औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे?

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा देश भर के रणनीतिक गलियारों में कुल 100 नए स्मार्ट औद्योगिक पार्क विकसित करने की स्वीकृति दी गई है।

2. इस योजना के तहत कितने युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है?

योजना के पूर्ण क्रियान्वयन से 10 लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष विनिर्माण रोजगार तथा 30 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर मिलेंगे।

3. ‘प्लग-एंड-प्ले’ औद्योगिक पार्क का क्या अर्थ है?

प्लग-एंड-प्ले का तात्पर्य है कि उद्योगपतियों को बिजली, पानी, सड़क और रेडीमेड फैक्ट्री शेड्स पूर्णतः तैयार मिलेंगे, जिससे वे बिना समय गंवाए तत्काल विनिर्माण शुरू कर सकें।

4. योजना का कुल बजट परिव्यय कितना निर्धारित किया गया है?

भारत सरकार द्वारा इस विशाल योजना हेतु ₹33,660 करोड़ का केंद्रीय बजट परिव्यय अनुमोदित किया गया है।

5. इन पार्कों में उद्योग लगाने हेतु आवेदन कहाँ किया जा सकता है?

निवेशक ‘नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम’ (nsws.gov.in) अथवा एनआईसीडीसी पोर्टल (nicdc.in) के माध्यम से डिजिटल रूप से आवेदन कर सकते हैं।

संबंधित महत्वपूर्ण सरकारी पोर्टल अनुभाग: